То дили хаста ба дасти сар зулфат додам
تا دل خسته به دست سر زلفت دادم
Камари бандагии ?ут бастааму озодам
کمر بندگی ات بسته ام و آزادم
Охир эй моҳи парии чеҳра ба фарёдами рас
آخر ای ماه پریچهره به فریادم رس
Каз ҳавояти з фалак мегузарад фарёдам
کز هوایت ز فلک میگذرد فریادم
Гар касе аз ғами ҳиҷрони ту шодии талабад
گر کسی از غم هجران تو شادی طلبد
Манам он кас ки ба ғам хӯрдани рӯяти шодам
منم آن کس که به غم خوردن رویت شادم
Бесутуни ситаматро бикашам чун Фарҳод
بیستون ستمت را بکشم چون فرهاد
Зонкаҳ бе шукри ширини ту чун Фарҳодам
زآنکه بی شکر شیرین تو چون فرهادم
Бо вуҷӯди қади раънои ту ҳамчун сӯсан
با وجود قد رعنای تو همچون سوسن
Гар ҳама рӯй замин сарв шавам озодам
گر همه روی زمین سرو شوم آزادم
Пеш аз обу гули худ дар азал аз лавҳи қазо
پیش از آب و گل خود در ازل از لوح قضا
Абҷади ишқ ту омӯхта аз устодам
ابجد عشق تو آموخته از استادم
Бо вуҷӯди рух чун оташу оби хати ту
با وجود رخ چون آتش و آب خط تو
Бар сари хоки давон бесару по чун бодам
بر سر خاک دوان بی سر و پا چون بادم
Толеъам аз ма рӯй ту чу ҳайдар набӯд
طالعم از مه روی تو چو حیدر نبود
То ман аз модари фитрат ба чаҳ толеъи зодам ?
تا من از مادر فطرت به چه طالع زادم؟