Бар чеҳра ӯ ҳар ки замонӣ нигарон шуд

بر چهرهٔ او هر که زمانی نگران شد

Монанди ман аз меҳри Рахш бедил ва ҷон шуд

مانند من از مهر رخش بی‌دل و جان شد

Ёрам ба дар масҷиди нав бар лаби ҷӯӣ

یارم به در مسجد نو بر لب جویی

Омад чу гули тоза ва чун сарв равон шуд

آمد چو گل تازه و چون سرو روان شد

Бар сина задам сангу дилам танг шуд аз ғам

بر سینه زدم سنگ و دلم تنگ شد از غم

То аз барам он санги дили танг даҳон шуд

تا از برم آن سنگ دل تنگ دهان شد

Дар маҷмаъи хубон ки ба аз ҳур биҳиштанд

در مجمع خوبان که به از حور بهشتند

Дилдори ман он дораду дили ошиқ он шуд

دلدار من آن دارد و دل عاشق آن شد

То масти шӯй аз лаби маъшуқа чу ҳайдар

تا مست شوی از لب معشوقه چو حیدر

Май нӯш ки ид омаду моҳ рамазон шуд

می نوش که عید آمد و ماه رمضان شد