Бути саман бар симини изори сангини дил

بُتِ سَمَن‌بَرِ سیمین‌عَذارِ سنگین‌دل

Чигуна сабр кунад дар ғами ту чандини дил

چگونه صبر کند در غمِ تو چندین دل

зи ишқи ҳуққаи лаъл ту медиҳад ҷон , ҷон

ز عشقِ حُقِهٔ لَعلِ تو می‌دهد جان، جان

Ба куфри турраи зулф ту медиҳад дайн , дил

به کُفرِ طرهٔ زلف تو می‌دهد دین، دل

Дили ту бар ман бедайн ва дил наме бахшад

دلِ تو بر منِ بی‌دین و دل نمی‌بخشد

Бигӯ ки то чаҳ кунам дар замона бо ин дил ?

بگو که تا چه کنم در زمانه با این دل؟

Ба хӯни хеш чу Фарҳод мекунад бозӣ

به خونِ خویش چو فرهاد می‌کند بازی

зи ишқи он лаби шкрФшони ширин , дил

ز عشقِ آن لبِ شکّرفِشان شیرین، دل

Дар орзӯии хаёли ту сохт чандини ҷон

در آرزوی خیالِ تو ساخت چندین جان

Дар интизори ҷамоли ту сӯхти мискини дил

در انتظارِ جمالِ تو سوخت مسکین دل

Аз он замон ки назар карду ориз ту бидид

از آن زمان که نظر کرد و عارِضِ تو بدید

намекунад назарии сӯии моҳу парвин , дил

نمی‌کند نظری سوی ماه و پروین، دل

зи ишқ рӯй ту чун ҳайдари парешони ҳол

ز عشقِ روی تو چون حیدرِ پریشان‌حال

Ба хӯн хеш кунад рӯй хеши рангини дил

به خونِ خویش کند روی خویش رنگین دل