зи гиряи мардум чашмам нишаста дар хӯн аст

ز گریه مردم چشمم نشسته در خون است

Бибин ки дар талабати ҳоли мардумон чун аст

ببین که در طلبت حال مردمان چون است

Ба ёди лаъли ту , бе чашми масти мигўнт

به یاد لعل تو، بی چشم مست میگونت

зи ҷоми ғам май лаълӣ ки мехӯрам хӯн аст

ز جام غم می لعلی که می خورم خون است

зи машриқи сари кӯй , офтоби талъати ту

ز مشرق سر کوی، آفتاب طلعت تو

Агар тулӯъ кунад толеъам ҳумоюн аст

اگر طلوع کند طالعم همایون است

Ҳикояти лаби ширини калом Фарҳод аст

حکایت لب شیرین کلام فرهاد است

Шиканҷи турраи Лайлии мақом маҷнӯн аст

شکنج طرهٔ لیلی مقام مجنون است

Дилам биҷӯ ки қадати ҳамчуи сарв дилҷӯй аст

دلم بجو که قدت همچو سرو دلجوی است

Сухан бигӯ ки каломати латиф ва мавзун аст

سخن بگو که کلامت لطیف و موزون است

зи даври бода ба ҷони роҳатии расони соқӣ ! ‏

ز دور باده به جان راحتی رسان ساقی!‏

Ки ранҷи хотирам аз ҷаври давр гардун аст

که رنج خاطرم از جور دور گردون است

Аз он нафас ки з чангам бирафт равад азиз

از آن نفس که ز چنگم برفت رود عزیز

Канори дидаи ман ҳамчу равад Ҷайҳун аст

کنار دیدهٔ من همچو رود جیحون است

Чигуна шод шавад андаруни ғамгинам

چگونه شاد شود اندرون غمگینم

Ба ихтиёр ки аз ихтиёр берун аст

به اختیار که از اختیار بیرون است

з бе худии талаб ёр мекунад ҳайдар

ز بی‌خودی طلب یار می‌کند حیدر

Чу муфлисӣ ки талабкори ганҷ қорун аст

چو مفلسی که طلبکار گنج قارون است