Арӯси гул чу ба тараф чаман даромад боз

عروس گل چو به طرف چمن درآمد باز

зи ишқи булбул шӯрида баркашид овоз

ز عشق بلبل شوریده برکشید آواز

Ба рӯй хуррами гули булбулон адо карданд

به روی خرم گل بلبلان ادا کردند

Миёни боғ ба наврӯзи нағмаҳои ҳиҷоз

میان باغ به نوروز نغمه های حجاز

Нигору бода ӣ лаълии ?герат ба даст ояд

نگار و باده ی لعلی گرت به دست آید

Чу лолаи фарши зумуррад ба пеш пой андоз

چو لاله فرش زمرد به پیش پای انداز

Дило ! чу рози ниҳони ошкор хоҳӣ кард

دلا! چو راز نهان آشکار خواهی کرد

Хаёли ёри парии чеҳраи сози муҳаррами роз

خیال یار پری چهره ساز محرم راز

Бимири пеши мусофир чу бўсъид аз малик

بمیر پیش مسافر چو بوسعید از ملک

Бунаи зи ишқ чу Маҳмӯди сар ба пои Аёз

بنه ز عشق چو محمود سر به پای ایاز

з по даромадам аз тоби меҳри олами сӯз

ز پا درآمدم از تاب مهر عالم سوز

зи даст рафтаам аз дасти ёри дастони соз

ز دست رفته ام از دست یار دستان ساز

Чу боз кард шикор аз барам кабӯтари дил

چو باز کرد شکار از برم کبوتر دل

Чаҳ бошад ар нафасии дарбар ман ояд боз ?

چه باشد ار نفسی دربر من آید باز؟

Чаҳ шуд ки малики дили ошиқон мшмр шуд

چه شد که ملک دل عاشقان مشمر شد

Магари зи чашм ту бархест фитна дар Широз

مگر ز چشم تو برخاست فتنه در شیراز

Рабӯдае дили соҳиби дилон ба ҳилау макр

ربوده ای دل صاحب دلان به حیله و مکر

Фузудае ҳаваси ошиқон ба шевау ноз

فزوده ای هوس عاشقان به شیوه و ناز

Дилам чу каъба ӣ кӯй ту дид , кард тавоф

دلم چو کعبه ی کوی تو دید، کرد طواف

Танам чу қибла ӣ рӯй ту дид , баради намоз

تنم چو قبله ی روی تو دید، برد نماز

Ба маҷмаъи ту буд авду шамъ дар хури сӯз

به مجمع تو بود عود و شمع در خور سوز

Ба маҷлиси ту буд раваду чанг дар хури соз

به مجلس تو بود رود و چنگ در خور ساز

Ба гирди кӯии ту ҳайдар чу бугзарад , гуяд

به گرد کوی تو حیدر چو بگذرد، گوید

Магас ба манзил симурғ мекунад парвоз

مگس به منزل سیمرغ می کند پرواز