Ба офтоби ҷамолат , ба нури субҳи ҷалол
به آفتابِ جمالت، به نورِ صبحِ جلال
Ба остини хаёлат , ба остони висол
به آستینِ خیالت، به آستانِ وصال
Бидон ду сунбули партобу сарви сӯсани буи
بدان دو سنبلِ پرتاب و سروِ سوسنبوی
Бидон ду наргиси пурхобу ғамзаи қаттол
بدان دو نرگسِ پرخواب و غمزهٔ قتال
Бидон расан ки ба макру фиребу шевау ғанҷ
بدان رسن که به مکر و فریب و شیوه و غنج
Ҳазор Юсуф дил кардае дар он чаҳ чол
هزار یوسفِ دل کردهای در آن چَهْ چال
Ба бӯсаи ту ки бар ошиқон шудаи сети ҳаром
به بوسهٔ تو که بر عاشقان شدهست حرام
Ба хӯни ман ки ба дайн ту гаштааст ҳалол
به خون من که به دین تو گشته است حلال
Ба сурхии рухи бода , ба зардии рухи ман
به سرخیِّ رخ باده، به زردیِّ رخ من
Ба сабзии хати сабзат , ба дили сиёҳии хол
به سبزیِّ خطِ سبزت، به دلسیاهیِّ خال
Ба оташи рухи хубат , ба оби дидаи ман
به آتشِ رخِ خوبت، به آبِ دیدهٔ من
Ба хоки каъбаи Кувайт , ба буии боди шимол
به خاکِ کعبهٔ کویت، به بوی بادِ شمال
Ба оҳи сӯзи ғарибон , ба шоми танҳоӣ
به آهِ سوزِ غریبان، به شامِ تنهایی
Ба меҳнати шаби ҳиҷрон , ба завқи рӯзи висол
به محنتِ شبِ هجران، به ذوقِ روزِ وصال
Бидон худоӣ ки чун абрӯу рухи ту , қамар
بدان خدای که چون ابرو و رخِ تو، قمر
зи сунъ хеш кунад гоҳи бадару гоҳи ҳилол ;
ز صُنعِ خویش کند گاه بدر و گاه هلال؛
Ки аз фироқи рахт нӯш мекунад ҳайдар
که از فراقِ رُخَت نوش میکند حیدر
зи дасти ғуссаи қадаҳҳои заҳри моломол
ز دستِ غصه قدحهای زهر مالامال