Моҳи зи машриқ тулӯъ кард чу рӯяти тамом
ماه ز مشرق طلوع کرد چو رویت تمام
Не ки буд ма ки зу меҳр кунад нури вом
نی که بود مه که زو مهر کند نور وام
Моҳи фалакро қадӣ нест чу сарви сеӣ
ماه فلک را قدی نیست چو سرو سهی
Сарви сеиро рухӣ нест чу моҳи тамом
سرو سهی را رخی نیست چو ماه تمام
Ҳар ду ту дорӣ ва бас нест назири ту кас
هر دو تو داری و بس نیست نظیر تو کس
Тӯтии ҷон дар қафас шуд шукратро ғулом
طوطی جان در قفس شد شکرت را غلام
Чун ки парешон шавад зулфи хушати ним рӯз
چون که پریشان شود زلف خوشت نیم روز
Шаби рӯи айёрро кор шавад бо низом
شبرو عیار را کار شود با نظام
Боз надонад касе ним шаб аз ним рӯз
باز نداند کسی نیم شب از نیم روز
Пой чу берун наҳй ним шабӣ аз мақом
پای چو بیرون نهی نیم شبی از مقام
Нест танати зи об ва хок ҳаст ҳамаи ҷони пок
نیست تنت ز آب و خاک هست همه جان پاک
Гашти муҷассами магари рӯҳ латиф ҳамам
گشت مجسم مگر روح لطیف همام
Оҷизам аз васфи ту як суханам беш нест
عاجزم از وصف تو یک سخنم بیش نیست
Хотами хубони туе хатм кунам вассалом
خاتم خوبان تویی ختم کنم والسلام