Дар рахт менагарм сӯрати ҷон май байнам

در رخت می‌نگرم صورت جان می‌بینم

Ончии дил май талабади пеши ту он май байнам

آنچه دل می‌طلبد پیش تو آن می‌بینم

Рӯҳро чеҳраи ту нур яқин ме бахшад

روح را چهرهٔ تو نور یقین می‌بخشد

Ақлро пеши даҳонат ба гумон май байнам

عقل را پیش دهانت به گمان می‌بینم

Дар миён аз даҳанати бештар аз номӣ нест

در میان از دهنت بیشتر از نامی نیست

Аз вуҷӯдаши сухану хандаи нишон май байнам

از وجودش سخن و خنده نشان می‌بینم

Ман аз он лаб чу ҳадисӣ ба забон май орм

من از آن لب چو حدیثی به زبان می‌آرم

Оби ҳайвони зи лаби хеши чикон май байнам

آب حیوان ز لب خویش چکان می‌بینم

Васфи рӯят на ба андозаи тақрир ман аст

وصف رویت نه به اندازه تقریر من است

Ки ба сад мартаба зон сӯии баён май байнам

که به صد مرتبه زان سوی بیان می‌بینم

Рӯйу болои туро ҳар ки бибинад гуяд

روی و بالای تو را هر که ببیند گوید

Офтобии сет ки бар сарви равон май байнам

آفتابی‌ست که بر سرو روان می‌بینم

Ману васлат чаҳ хаёлӣаст ки бар хок дарат

من و وصلت چه خیالیست که بر خاک درت

Нақши пешонии шоҳони ҷаҳон май байнам

نقش پیشانی شاهان جهان می‌بینم

Пои оҳиста на аз хонаи буруни кони манзил

پای آهسته نه از خانه برون کان منزل

Сар ба сари пари дили соҳиби назарон май байнам

سر به سر پر دل صاحب‌نظران می‌بینم

Фитна рӯй ту танҳо на ҳамамаст охир

فتنه روی تو تنها نه همام است آخر

Олимиро ба ҷамолати нигарон май байнам

عالمی را به جمالت نگران می‌بینم