Булбулонро ҳамаи шаб хоб наёяд зон бим

بلبلان را همه شب خواب نیاید زان بیم

Ки мабодо ки баради барги гулии боди насим

که مبادا که برد برگ گلی باد نسیم

Шаби маҳтобу гулу булбули сармаст ба ҳам

شب مهتاب و گل و بلبل سرمست به هم

Маҷлис он нест ки дар хоб равад чашми надим

مجلس آن نیست که در خواب رود چشم ندیم

Бодрогар хабар аз ғайрати булбул будӣ

باد را گر خبر از غیرت بلبل بودی

Ҳеҷ вақте ба гулистон нагузаштӣ аз бим

هیچ وقتی به گلستان نگذشتی از بیم

Оташи ишқи нигар дар ҳамаи чизеи вари не

آتش عشق نگر در همه چیزی ور نی

Мурғро нағмаи ушшоқ ки кардӣ таълим

مرغ را نغمه عشاق که کردی تعلیم

Одамиро ки аз ин ҳоли хабар бештар аст

آدمی را که از این حال خبر بیشتر است

Толиби суҳбат ёраст на ҷиноти Наим

طالب صحبت یار است نه جنات نعیم

Бо чунин рӯй киро майл буд сӯии биҳишт

با چنین روی که را میل بود سوی بهشت

Бе ту осоиши фирдавси азобӣ сет ?илем

بی تو آسایش فردوس عذابی‌ست الیم

Ишқ май варзаму гӯи хасм маломат ме кун

عشق می‌ورزم و گو خصم ملامت می‌کن

На ман овардаам ин шева ки расмии сети қадим

نه من آورده‌ام این شیوه که رسمی‌ست قدیم

Гар намоям ба маломатгари худ сӯрати дӯст

گر نمایم به ملامتگر خود صورت دوست

Диҳад инсоф ва кунад масъала бо мо таслим

دهد انصاف و کند مسأله با ما تسلیم

Гар чу рӯй ту бадӣ моҳ накардӣ ҳаргиз

گر چو روی تو بُدی ماه نکردی هرگز

Ба сарангушти набии сӯрати маро ба ду ним

به سرانگشت نبی صورت مه را به دو نیم

Ҳар ки дар банди сари зулф чу занҷир ту шуд

هر که در بند سر زلف چو زنجیر تو شد

Зоҳир онаст ки камтари шунӯди панди ҳаким

ظاهر آن است که کمتر شنود پند حکیم

Ҳамчуи бодии дгарон бар дарат оянду раванд

همچو بادی دگران بر درت آیند و روند

Бар сари кӯии ту чун хок ҳамамаст муқӣм

بر سر کوی تو چون خاک همام است مقیم