Май рӯй вази паии ту пер ва ҷавон ме нигаранд
میروی وز پی تو پیر و جوان مینگرند
Ба таъаҷҷуби ҳама дар сӯрат ҷон ме нигаранд
به تعجب همه در صورت جان مینگرند
Ҳаст рӯяти гули хандону ҷаҳонии муштоқ
هست رویت گل خندان و جهانی مشتاق
Ҳамчуи булбул ба ту дар наъра занон ме нигаранд
همچو بلبل به تو در نعرهزنان مینگرند
Ғайритем ҳаст вале мункир ҳақ натавон буд
غیرتم هست ولی منکر حق نتوان بود
Ба тафарруҷ ба гулу сарв равон ме нигаранд
به تفرج به گل و سرو روان مینگرند
Гар якеро зи назар манъ кунам ме гуяд
گر یکی را ز نظر منع کنم میگوید
Ки ту ҳам майнигаригар дгарон ме нигаранд
که تو هم مینگری گر دگران مینگرند
Натавон чашм касе баст ки дар ваии мангар
نتوان چشم کسی بست که در وی منگر
Ройгонаст назари ҷумла ҷаҳон ме нигаранд
رایگان است نظر جمله جهان مینگرند
Кас надонад ки парӣ ё мулкӣ ё мардум
کس نداند که پری یا ملکی یا مردم
Дар ту ҳайрон шудаи халқӣ ба гумон ме нигаранд
در تو حیران شده خلقی به گمان مینگرند
Олимии мункири савдои ҳумоманд вале
عالمی منکر سودای همامند ولی
Зери чашмати ҳама дар чашм ва даҳон ме нигаранд
زیر چشمت همه در چشم و دهان مینگرند
Зоҳидӣ низ чу риндони ҳамаи шоҳдбознд
زاهدان نیز چو رندان همه شاهدبازند
Фарқ онаст ки эшон з ниҳон ме нигаранд
فرق آن است که ایشان ز نهان مینگرند