Солҳо бояд ки чун ту моҳӣ аз даврон барояд

سال‌ها باید که چون تو ماهی از دوران برآید

ё чу болои ту сарвии хуш зсрўстон барояд

یا چو بالای تو سروی خوش زسروستان برآید

Дар миёни куфри зулфати нури имон май намояд

در میان کفر زلفت نور ایمان می‌نماید

Пеши зулфи кофари ту муъмин аз имон барояд

پیش زلف کافر تو مؤمن از ایمان برآید

Чун тамошоро дар ое эй нгорстон ба бустон

چون تماشا را در آیی ای نگارستان به بستان

Наъраҳои ишқи бозон аз гул хандон барояд

نعره‌های عشق بازان از گل خندان برآید

Чашми мастатгар намояди илтифотии сӯии ёрон

چشم مستت گر نماید التفاتی سوی یاران

Бар ту душворӣ набошад кори мо осон барояд

بر تو دشواری نباشد کار ما آسان برآید

Чашмаи хуршеди рӯзии лоиқ рӯят науфтад

چشمهٔ خورشید روزی لایق رویت نیفتد

То қиёмат гарчи гирди гунбад даврон барояд

تا قیامت گرچه گرد گنبد دوران برآید

Пеши он лаби мондаи ҳайрон май даҳуми ҷон ҳайф бошад

پیش آن لب مانده حیران می‌دهم جان حیف باشد

Гар бар оби зиндагонии ташнае аз ҷон барояд

گر بر آب زندگانی تشنه‌ای از جان برآید

Кӣҳамам хастаи дилро ҷон биёсоед замонӣ

کی همام خسته دل را جان بیاساید زمانی

Гар на буии машки буи аз манзил ҷонон барояд

گر نه بوی مشک‌بوی از منزل جانان برآید