Зиҳии бўъдаҳи васли ту ҷони мо масрур

زهی بوعده وصل تو جان ما مسرور

Биё ки чашми бад аз ту ҳамеша бодои давр

بیا که چشم بد از تو همیشه بادا دور

Чигуна дида бидӯзам зи манзарат ки надид

چگونه دیده بدوزم ز منظرت که ندید

Назари назири ту дар коиноти як манзур

نظر نظیر تو در کائنات یک منظور

Касе ки талъати ҳасани изор узро дид

کسی که طلعت حسن عذار عذرا دید

Буд ҳар оинаи Вомиқ ба пеш ӯ маъзӯр

بود هر آینه وامق به پیش او معذور

Бадӯр бода чашонӣ чашми махмурат

بدور باده چشانی چشم مخمورت

Чигуна мастии арбоби дил буд мастур

چگونه مستی ارباب دل بود مستور

Аз он хами ори шаробӣ барои дафъи хумор

از آن خم آر شرابی برای دفع خمار

Раво буд чу ту соқӣ ва мо чунин махмур

روا بود چو تو ساقی و ما چنین مخمور

Мисоли каъба ва монанди байт маъмур аст

مثال کعبه و مانند بیت معمور است

Харобаи дили мо чун бъшқ шуд маъмур

خرابه دل ما چون بعشق شد معمور

Чигуна канаи ҷамол туро кунад идрок

چگونه کنه جمال ترا کند ادراک

Агар ду дидаи зи дидори ту наёбади нур

اگر دو دیده ز دیدار تو نیابد نور

Чу мурдан аз паии ту бахт пойдор омад

چو مردن از پی تو بخت پایدار آمد

зи пой дор натарсад ҳусайнии Мансур

ز پای دار نترسد حسینی منصور