Мебарад қади ту аз сарви хиромони равнақ

میبرد قد تو از سرو خرامان رونق

Пеш рӯй ту надорад маи тобони равнақ

پیش روی تو ندارد مه تابان رونق

Аз май лаъл ту ёбад дили ғмдидаҳи нишот

از می لعل تو یابد دل غمدیده نشاط

Вази гул рӯй ту дорад чамани ҷони равнақ

وز گل روی تو دارد چمن جان رونق

Гули бъҳд ту наёрад шудан аз пардаи бурун

گل بعهد تو نیارد شدن از پرده برون

Зонка ӯро набӯд пеши ту чандон равнақ

زانکه او را نبود پیش تو چندان رونق

Равнақи ҷумлаи ҷаҳон гарчи замон ҷӯё шуд

رونق جمله جهان گرچه زمان جویا شد

Нест бе рӯй ту дар маҷмаъи хубони равнақ

نیست بی روی تو در مجمع خوبان رونق

Чаҳ шавад маҷлиси арбоби назаргар икшб

چه شود مجلس ارباب نظر گر یکشب

Гирад аз рӯй ту эй шамъи шабистони равнақ

گیرد از روی تو ای شمع شبستان رونق

Олам аз нури мау меҳр чаҳ равнақ гирад

عالم از نور مه و مهر چه رونق گیرد

Гирад аз нури рахти дидаи ман он равнақ

گیرد از نور رخت دیده من آن رونق

Ҳасани ашъори ҳусайн аз сифати тести оре

حسن اشعار حسین از صفت تست آری

Дорад аз наът набӣ гуфта ҳисони равнақ

دارد از نعت نبی گفته حسان رونق