эй онкии ҷонами сӯхтӣ бо доғи меҳнати борҳо
ای آنکه جانم سوختی با داغ محنت بارها
Дорам ман ошуфтаи дил бо сӯзи ишқати корҳо
دارم من آشفته دل با سوز عشقت کارها
Гарчи миёни оташам бо доғи дарди ту хушам
گرچه میان آتشم با داغ درد تو خوشم
Оқил агарчӣ мекунад бар ҳоли ман инкорҳо
عاقل اگرچه میکند بر حال من انکارها
Бо ёдат эй паймони гусал холӣ шуд аз ағёри дил
با یادت ای پیمان گسل خالی شد از اغیار دل
Ойӣнаи софӣ кӣ шавад бесайқал аз зангорҳо
آیینه صافی کی شود بی صیقل از زنگارها
Ман сӯй ту бишитофтам рӯй аз ду олам тофтам
من سوی تو بشتافتم روی از دو عالم تافتم
Чун нур имон ёфтам бигусастами ин зуннорҳо
چون نور ایمان یافتم بگسستم این زنارها
Оӣии бҳнгоми чамани вар низ бгзидии ватан
آئی بهنگام چمن ور نیز بگزیدی وطن
Ва андари дили пари дарди ман аз ғами нишондии хорҳо
و اندر دل پر درد من از غم نشاندی خارها
Аз шавқи ту эй дили рибо оташ фитад дар ҷони мо
از شوق تو ای دل ربا آتش فتد در جان ما
Чун оварад боди сабои буии ту аз гулзорҳо
چون آورد باد صبا بوی تو از گلزارها
Бигузар ҳусайн аз илм тан бишнос ҷони хештан
بگذر حسین از علم تن بشناس جان خویشتن
Ноҳақ диҳад сад илм ва фан бигузар аз ин гуфторҳо
ناحق دهد صد علم و فن بگذر از این گفتارها