Дило чун дар хами чавгони ишқи дӯст чун гўӣӣ

دلا چون در خم چوگان عشق دوست چون گوئی

Агар зарбат занад шояд ки аз хизмати сухани гўӣӣ

اگر ضربت زند شاید که از خدمت سخن گوئی

Агар куштан буд комаши туро бояд шудани ромиш

اگر کشتن بود کامش ترا باید شدن رامش

Нахоҳӣ ҷустан аз домаш ки ӯ шер ва ту оҳўӣӣ

نخواهی جستن از دامش که او شیر و تو آهوئی

зи ҷоми ишқ агар мастӣ башу даст аз ғам ҳастӣ

ز جام عشق اگر مستی بشو دست از غم هستی

Чу дар дилдори пайвастии зи ғайр ӯ чаҳ миҷўӣӣ

چو در دلدار پیوستی ز غیر او چه میجوئی

зи шавқ рӯй он дилбар фидо кун молу ҷону сар

ز شوق روی آن دلبر فدا کن مال و جان و سر

зи ақлу дайн ва ҷон бигузар агар девонаи аўӣӣ

ز عقل و دین و جان بگذر اگر دیوانه اوئی

Чу ёр омад бдлҷўӣии баҳри ҷониб чаҳ мипўӣӣ

چو یار آمد بدلجوئی بهر جانب چه میپوئی

Чу бо тести ончии миҷўӣӣ чаро ошуфта ҳар сўӣӣ

چو با تست آنچه میجوئی چرا آشفته هر سوئی

Аз ин тахмири обу гули тўӣии мақсӯди ҳақ эй дил

از این تخمیر آب و گل توئی مقصود حق ای دل

Тўӣии дарёӣ бесоҳил ба сӯрат гарчи чун ҷўӣӣ

توئی دریای بی ساحل به صورت گرچه چون جوئی

зи гавҳарҳои ганҷи шаҳи бғўосии шӯии огаҳ

ز گوهرهای گنج شه بغواصی شوی آگه

Дар ин дарё агар икраҳи ду даст аз ҷони фурӯи шўӣӣ

در این دریا اگر یکره دو دست از جان فرو شوئی

Ҳусайн аз файзи субҳонии машомии ҷӯии рӯҳонӣ

حسین از فیض سبحانی مشامی جوی روحانی

Ки аз нафхоти раббонии раёҳини ризои бўӣӣ

که از نفخات ربانی ریاحین رضا بوئی