Рафтӣу ёди ту зи дили риш ман нарафт

رفتی و یاد تو ز دل ریش من نرفت

Нақши хаёл рӯй ту аз пеш ман нарафт

نقش خیال روی تو از پیش من نرفت

Малики вуҷӯди ман зи ғамат гарчи шуд хароб

ملک وجود من ز غمت گرچه شد خراب

Султони ишқат аз дили дарвеш ман бирафт

سلطان عشقت از دل درویش من نرفت

Дар даври ишқ рӯй ту аимоҳрў намонад

در دور عشق روی تو ای ماهرو نماند

Неши ғамӣ ки бар ҷигари риш ман нарафт

نیش غمی که بر جگر ریش من نرفت

Ин мекашад маро ки дили биўФои ту

این می‌کشد مرا که دل بی وفای تو

Ҷуз бар муроди хасми бидонадяш ман нарафт

جز بر مراد خصم بداندیش من نرفت

То ҷуръае ҳусайни зи ҷоми ту нӯш кард

تا جرعه ای حسین ز جام تو نوش کرد

Он завқи ҳаргиз аз дили бихўиш ман нарафт

آن ذوق هرگز از دل بی‌خویش من نرفت