Нигор ман чу блъли шукр нисор ояд
نگار من چو بلعل شکر نثار آید
Ғизои тӯтии табъами сухан гузор ояд
غذای طوطی طبعم سخن گذار آید
Диёри дил ки харобаст бе шҳншаҳи хеш
دیار دل که خرابست بی شهنشه خویش
Бшҳрёр расад чун бшҳрёр ояд
بشهریار رسد چون بشهریار آید
Шаҳон пиёда шаванд ва ниҳанд рух бар хок
شهان پیاده شوند و نهند رخ بر خاک
Бидон бисот ки он нозанин савор ояд
بدان بساط که آن نازنین سوار آید
Дар онзмон ки зи ахлоқ ӯ сухан гуяд
در آنزمان که ز اخلاق او سخن گوید
Фиришта кист ки борӣ дар ин шумор ояд
فرشته کیست که باری در این شمار آید
Агар фидои ту эй дилрабо нагардад ҷон
اگر فدای تو ای دلربا نگردد جان
Дигар чаҳ фоидаи зини ҷон биқрор ояд
دگر چه فایده زین جان بیقرار آید
Ҳазор фахр кунам ҳар замон ба бандагӣат
هزار فخر کنم هر زمان به بندگیت
Марои зи шоҳии олам агар чаҳ ор ояд
مرا ز شاهی عالم اگر چه عار آید
Дили маро ки биҷой сапанд месӯзӣ
دل مرا که بجای سپند میسوزی
Нигоҳдор ки рӯзии туро бакор ояд
نگاهدار که روزی ترا بکار آید
Ҳусайни хок раҳат гаштааст митрсд
حسین خاک رهت گشته است میترسد
Ки бар дили ту аз он раҳгузар ғубор ояд
که بر دل تو از آن رهگذر غبار آید