Баҳор ва ид меояд ки оламро биорояд

بهار و عید می‌آید که عالم را بیاراید

Валикини булбули дилро насим ёр ме ояд

ولیکن بلبل دل را نسیم یار می‌آید

Дилӣ каз ҳиҷри гули рўӣӣ чу лола доғҳо дорад

دلی کز هجر گل روئی چو لاله داغها دارد

Шамеми васл агар набӯд зи боғ ва равза накушояд

شمیم وصل اگر نبود ز باغ و روضه نگشاید

Агар бе дӯсти ҷинатро бсди зинати бёроинд

اگر بی دوست جنت را بصد زینت بیارایند

Бҷони дӯст кандар ваии дил ошиқ биёсоед

بجان دوست کاندر وی دل عاشق بیاساید

Дару девори ҷинатро боаҳи дили бсўзонм

در و دیوار جنت را بآه دل بسوزانم

Агар дилдори аҳли дил дар ӯ дидор нанамояд

اگر دلدار اهل دل در او دیدار ننماید

Чу нури ҷон ҳар мқбл сФоӣӣ дорад ин манзил

چو نور جان هر مقبل صفائی دارد این منزل

Вале бе васли аҳли дили диламро хуши нмиоид

ولی بی وصل اهل دل دلم را خوش نمیآید

Ҷамоли талъат ҷонон тавонад дид муштоқӣ

جمال طلعت جانان تواند دید مشتاقی

Ки ӯ ойӣнаи дилро зи занг ғайр бизадойад

که او آیینه دل را ز زنگ غیر بزداید

Ҳусайн ар дӯсти ҷонатро бинозу ишваи мисўзд

حسین ار دوست جانت را بناز و عشوه میسوزد

Туро бояд ризо додани баҳр чаҳ дӯст фармоед

ترا باید رضا دادن بهر چه دوست فرماید