Нигор сарви қади глъзор ман омад
نگار سرو قد گلعذار من آمد
Қарори ҷону дили биқрор ман омад
قرار جان و دل بیقرار من آمد
Марои зи таънаи халқу зи ҷаври даври фалак
مرا ز طعنهٔ خلق و ز جور دور فلک
Чаҳ ғам кунун ки бути ғмгсор ман омад
چه غم کنون که بت غمگسار من آمد
Маӣ ки аз бар ман рафта буд чанде вақт
مهی که از بر من رفته بود چندی وقت
зи сайри чарх кунун бар канор ман омад
ز سیر چرخ کنون بر کنار من آمد
Сазад ки беш нанолам зи риши неши ҷафо
سزد که بیش ننالم ز ریش نیش جفا
Кунун ки марҳами ҷони Фкор ман омад
کنون که مرهم جان فکار من آمد
Чаҳ эҳтиёҷи марои баъд аз ин бсрўу чаман
چه احتیاج مرا بعد از این به سرو و چمن
Кунун ки сарви қади глъзор ман омад
کنون که سرو قد گلعذار من آمد
Ҳазор шукр ки бор дигар бар ғами ҳасуд
هزار شکر که بار دگر به رغم حسود
Муроди хотири умедвор ман омад
مراد خاطر امّیدوار من آمد
Расед ёру ҳусайн шикаста мегуяд
رسید یار و حسین شکسته میگوید
Чаҳ ғами зи душманам акнӯн ки ёр ман омад
چه غم ز دشمنم اکنون که یار من آمد