Алоҷи ошиқи мискин ҳабиб ме донад
علاج عاشق مسکین حبیب میداند
Ки доруии дили ғамгин табиб ме донад
که داروی دل غمگین طبیب میداند
Ғариб нест агар ҳоли мо наме доне
غریب نیست اگر حال ما نمیدانی
Ки ҳоли зори ғарибон ғариб ме донад
که حال زار غریبان غریب میداند
Ғамӣ ки май кашам аз дард дӯст ме донам
غمی که میکشم از درد دوست میدانم
Ки дарди даврии гул андалеб ме донад
که درد دوری گل عندلیب میداند
Ту лиззати ғами ишқи ҳабиб кӣ доне
تو لذت غم عشق حبیب کی دانی
Касе ки дорад аз ин ғам насиб ме донад
کسی که دارد از این غم نصیب میداند
Дилӣ ки ошиқи рухсор дилбарӣ бошад
دلی که عاشق رخسار دلبری باشد
Азоб дидан рӯй рақиб ме донад
عذاب دیدن روی رقیب میداند
з ман бипурс ту одоби ишқи неи зи фақиҳ
ز من بپرس تو آداب عشق نی ز فقیه
Аз онкии илму адабро адиб ме донад
از آنکه علم و ادب را ادیب میداند
Савод дида кунад аз баёзи шеъри ҳусайн
سواد دیده کند از بیاض شعر حسین
Касе ки ҳасани мдиҳ ва насеб ме донад
کسی که حسن مدیح و نسیب میداند