Як лаҳзаи маро берахт ором набошад
یک لحظه مرا بی رخت آرام نباشد
Дилро биҷуз аз лаъли лабат ком набошад
دل را بجز از لعل لبت کام نباشد
Ҳайҳот ки ман бо ту тавонам ки нишинам
هیهات که من با تو توانم که نشینم
Чун сӯии туами Зуҳра пайғом набошад
چون سوی توام زهره پیغام نباشد
Дар суҳбати мо зоҳид афсурда нагунҷад
در صحبت ما زاهد افسرده نگنجد
Дар маҷлиси длсўхтгон хом набошад
در مجلس دلسوختگان خام نباشد
Сарв аз чаҳ ҷиҳати хўонмти аисрўри хубон
سرو از چه جهت خوانمت ایسرور خوبان
Чун сарви самани соқу гул андом набошад
چون سرو سمن ساق و گل اندام نباشد
Аз баҳри гирифтории мурғи дили ушшоқ
از بهر گرفتاری مرغ دل عشاق
Ҳқо ки чу зулфи сияҳат дом набошад
حقا که چو زلف سیهت دام نباشد
Бо доми фидои ту дилу ҷон ки бҷўӣӣ
با دام فدای تو دل و جان که بجوئی
Чун наргиси пари хоби ту бо дом набошад
چون نرگس پر خواب تو با دام نباشد
Аз зулмати хати тоб ҷамолат нашавад кам
از ظلمت خط تاب جمالت نشود کم
Нуқсони ма аз тирагӣ шом набошад
نقصان مه از تیرگی شام نباشد
Ҳар мурғи дилӣ кӯ биппарад аз қафаси тан
هر مرغ دلی کو بپرد از قفس تن
Ҷуз дар хами зулфи тўош ором набошад
جز در خم زلف تواش آرام نباشد
Онкў чу ҳусайн аз ғами ишқ ту харобаст
آنکو چو حسین از غم عشق تو خرابست
ӯро сари номӯсу ғам ном набошад
او را سر ناموس و غم نام نباشد