Султони нигар ки пурсиш дарвеш ме кунад

سلطان نگر که پرسش درویش می‌کند

Изҳори лутфу марҳамат хеш ме кунад

اظهار لطف و مرحمت خویش می‌کند

Доруии дарди сина ранҷур ме диҳад

داروی درد سینه رنجور می‌دهد

Тадбири марҳами ҷигар риш ме кунад

تدبیر مرهم جگر ریش می‌کند

Неи гӯш бар ҳадиси бдомўз май наад

نی گوش بر حدیث بدآموز می‌نهد

Неи истимоъи қавл бидонадяш ме кунад

نی استماع قول بداندیش می‌کند

Гарчи риояти дили ушшоқ хуй ӯст

گرچه رعایت دل عشاق خوی اوست

Лекини риояти дили мо беш ме кунад

لیکن رعایت دل ما بیش می‌کند

Гар неш ҷавр мезанадам даҳр бок нест

گر نیش جور می‌زندم دهر باک نیست

Нӯши лабаши тадоруки он неш ме кунад

نوش‌لبش تدارک آن نیش می‌کند

Тири ҷафо ба қасд дилам мекашад рақиб

تیر جفا به قصد دلم می‌کشد رقیب

Лекини дилами зи синаи сипар пеш ме кунад

لیکن دلم ز سینه سپر پیش می‌کند

Аз маҳзи лутфу айни аноят буд ҳусайн

از محض لطف و عین عنایت بود حسین

Гар шоҳи майли суҳбат дарвеш ме кунад

گر شاه میل صحبت درویش می‌کند