Руъёии ҳакими Толстой

رویای حکیم تولستوی

Дар миёни кӯҳсори ҳафт марг

در میان کوهسار هفت مرگ

Водӣ бетоир ва бешоху барг

وادی بی طایر و بی شاخ و برگ

Тоби ма аз дӯди гирд ӯ чу қӣр

تاب مه از دود گرد او چو قیر

Офтоби андари фазояши ташнаи мейр

آفتاب اندر فضایش تشنه میر

Равад симоб , андари он водии равон

رود سیماب ، اندر آن وادی روان

Хам ба хам монанди ҷӯии каҳкашон

خم به خم مانند جوی کهکشان

Пеш ӯ пасту баланди роҳи ҳеҷ

پیش او پست و بلند راه هیچ

Тунди сайру мавҷи мавҷу печи печ

تند سیر و موج موج و پیچ پیچ

Ғарқ дар симоби мардӣ то камар

غرق در سیماب مردی تا کمر

Бо ҳазорон нолаҳои бе асар

با هزاران ناله های بی اثر

Қисмат ӯ абру боду оби не

قسمت او ابر و باد و آب نی

Ташнау обӣ ба ҷузи симоби не

تشنه و آبی به جز سیماب نی

Бркрон дидам зании нозуки танӣ

برکران دیدم زنی نازک تنی

Чашм ӯ сад корвонро раҳзанӣ

چشم او صد کاروان را رهزنی

Кофарӣ омӯз перони кунишат

کافری آموز پیران کنشت

Аз нигоҳаши зишти хубу хуби зишт

از نگاهش زشت خوب و خوب زشت

Гуфтамаш ту кистӣ ном ту чист

گفتمش تو کیستی نام تو چیست

Ин саропои нола ва фарёд кист

این سراپا ناله و فریاد کیست

Гуфт дар чашмами фусун сомрӣ аст

گفت در چشمم فسون سامری است

Номами афрангину корам соҳирӣ аст

نامم افرنگین و کارم ساحری است

Ногаҳони он ҷӯии симин ях бибаст

ناگهان آن جوی سیمین یخ ببست

Устихони он ҷавон дар тани шикаст

استخوان آن جوان در تن شکست

Бонг зад эй вой бар тақдири ман

بانگ زد ای وای بر تقدیر من

Вой бар фарёд бе таъсири ман

وای بر فریاد بی تأثیر من

Гуфт афрангин « агар дории назар

گفت افرنگین «اگر داری نظر

Андгии аъмоли худро ҳам нигар

اندگی اعمال خود را هم نگر

Пӯри Марями он чароғи коинот

پور مریم آن چراغ کائنات

Нур ӯ андари ҷаҳот ва бе ҷаҳот

نور او اندر جهات و بی جهات

Он Флотўси он салиби он рӯй зард

آن فلاطوس آن صلیب آن روی زرد

Зери гардуни ту чаҳ кардӣ ӯ чаҳ кард

زیر گردون تو چه کردی او چه کرد

эй бҷонти лиззати имони ҳаром

ای بجانت لذت ایمان حرام

эй парастор батон сими хом

ای پرستار بتان سیم خام

Қимати рӯҳ алқудс нашинохтӣ

قیمت روح القدس نشناختی

Тани харидии нақди ҷон дар бохтӣ »

تن خریدی نقد جان در باختی»

Таънаи он нозанини ҷилваи маст

طعنهٔ آن نازنین جلوه مست

Он ҷавонро нашутур андари дили шикаст

آن جوان را نشتر اندر دل شکست

Гуфт « эй гандум намой ҷӯи фуруш

گفت «ای گندم نمای جو فروش

Аз ту шайху брҳмни миллати фуруш

از تو شیخ و برهمن ملت فروش

Ақлу дайн аз коФриҳои ту хор

عقل و دین از کافریهای تو خوار

Ишқ аз сўдогриҳои ту хор

عشق از سوداگریهای تو خوار

Меҳри ту озору озори ниҳон

مهر تو آزار و آزار نهان

Кини ту маргасту марги ногаҳон

کین تو مرگ است و مرگ ناگهان

Суҳбатӣ бо обу гули варзидаи ӣӣ

صحبتی با آب و گل ورزیده ئی

Бандаро аз пеши ҳақи дуздидаи ӣӣ

بنده را از پیش حق دزدیده ئی

Ҳикматии кӯи уқдаи ашёи кушод

حکمتی کو عقدهٔ اشیا گشاد

Бо ту ғайр аз фикри Чингизии надод

با تو غیر از فکر چنگیزی نداد

Донад он мардӣ ки соҳиб ҷавҳар аст

داند آن مردی که صاحب جوهر است

Ҷурми ту аз ҷурми ман сангин тар аст

جرم تو از جرم من سنگین تر است

Аз дам ӯ рафта ҷон омад бетон

از دم او رفته جان آمد بتن

Аз ту ҷонро дахма мегардад бадан

از تو جان را دخمه میگردد بدن

Ончӣ мо кардем бо носут ӯ

آنچه ما کردیم با ناسوت او

Миллат ӯ кард бо лоҳут ӯ

ملت او کرد با لاهوت او

Марги ту аҳли ҷаҳонро зиндагӣ аст

مرگ تو اهل جهان را زندگی است

Бош то бинӣ ки анҷом ту чист »

باش تا بینی که انجام تو چیست»