Турбати он хусрави равшани замир
تربت آن خسرو روشن ضمیر
Аз замираши миллатии сӯрат пазир
از ضمیرش ملتی صورت پذیر
Гунбад ӯро ҳарам донад сипеҳр
گنبد او را حرم داند سپهر
Бо фурӯғ аз тўФ ӯ симои меҳр
با فروغ از طوف او سیمای مهر
Мисли фотиҳи он амири сафи шикан
مثل فاتح آن امیر صف شکن
Сикка ӣӣ зад ҳам ба иқлӣми сухан
سکه ئی زد هم به اقلیم سخن
Миллатиро дод завқи ҷустуҷӯ
ملتی را داد ذوق جستجو
Қудсён тасбеҳ хон бар хок ӯ
قدسیان تسبیح خوان بر خاک او
Аз дилу дасти гуҳари резӣ ки дошт
از دل و دست گهر ریزی که داشت
Салтанатҳо барад ва бепарво гузошт
سلطنت ها برد و بی پروا گذاشت
Нуктаи санҷу орифу шамшери зан
نکته سنج و عارف و شمشیر زن
Рӯҳи покаш бо ман омад дар сухан
روح پاکش با من آمد در سخن
Гуфт медонам мақом ту куҷост
گفت می دانم مقام تو کجاست
Нағмаи ту хокёнро кимиёст
نغمهٔ تو خاکیان را کیمیاست
Хишту санг аз файзи ту дорои дил
خشت و سنگ از فیض تو دارای دل
Равшан аз гуфтори ту синои дил
روشن از گفتار تو سینای دل
Пеши мо эй ошнои кӯии дӯст
پیش ما ای آشنای کوی دوست
Як нафас биншин ки дории буии дӯст
یک نفس بنشین که داری بوی دوست
Аихўши он кӯ аз худии ойинаи сохт
ایخوش آن کو از خودی آئینه ساخت
Вндри он ойинаи оламро шинохт
وندر آن آئینه عالم را شناخت
Пер гардид ин замин ва ин сипеҳр
پیر گردید این زمین و این سپهر
Моҳи кӯр аз кӯри чашмӣҳои меҳр
ماه کور از کور چشمیهای مهر
Гармии ҳангомаи ӣӣ май боядаш
گرمی هنگامه ئی می بایدش
То нахустин рангу бӯ боз оядаш
تا نخستین رنگ و بو باز آیدش
Бандаи муъмин сроФилӣ кунад
بندهٔ مؤمن سرافیلی کند
Бонг ӯ ҳар куҳнаро барҳам занад
بانگ او هر کهنه را برهم زند
эй туро ҳақ дод ҷони ношикеб
ای ترا حق داد جان ناشکیب
Ту зи сари малику дайни дории насиб
تو ز سر ملک و دین داری نصیب
Фоши гӯ бо пӯри нодири фоши гӯй
فاش گو با پور نادر فاش گوی
Ботини худро ба зоҳири фоши гӯй
باطن خود را به ظاهر فاش گوی