Ҳур :

حور:

На ба бодаи майли дорӣ на ба ман назари гшоӣӣ

نه به باده میل داری نه به من نظر گشائی

Аҷаби инки ту ндонӣ раҳу расми ошноӣӣ

عجب اینکه تو ندانی ره و رسم آشنائی

Ҳамаи сози ҷстҷўӣии ҳамаи сӯзи орзўӣӣ

همه ساز جستجوئی همه سوز آرزوئی

Нафасӣ ки мигдозии ғазалӣ ки май сроӣӣ

نفسی که میگدازی غزلی که می سرائی

Ба навой офаридӣ чаҳ ҷаҳони длгшоӣӣ

به نوای آفریدی چه جهان دلگشائی

Ки Ирам ба чашм ояд чу тилисми симёӣӣ

که ارم به چشم آید چو طلسم سیمیائی

Шоир :

شاعر:

Дили раҳравони фиребӣ ба каломи неши дорӣ

دل رهروان فریبی به کلام نیش داری

Магари инки лиззат ӯ нарасад ба нӯки хорӣ

مگر اینکه لذت او نرسد به نوک خاری

Чаканам ки фитрати ман ба мақом дар насозад

چکنم که فطرت من به مقام در نسازد

Дил носабур дорам чу сабо ба лолаи зорӣ

دل ناصبور دارم چو صبا به لاله زاری

Чу назар қарор гирад банигор хўбрўӣӣ

چو نظر قرار گیرد به نگار خوبروئی

Тапад он замони дили ман паии хубтар нигорӣ

تپد آن زمان دل من پی خوبتر نگاری

зи шарар ситора ҷӯям зи ситораи офтобӣ

ز شرر ستاره جویم ز ستاره آفتابی

Сар манзилӣ надорам ки бимирам аз қарорӣ

سر منزلی ندارم که بمیرم از قراری

Чу зи бодаи баҳорӣ қадаҳӣ кашида хезам

چو ز بادهٔ بهاری قدحی کشیده خیزم

Ғазалӣ дигар сароем ба ҳавои навбаҳорӣ

غزلی دگر سرایم به هوای نوبهاری

Талабами ниҳояти он ки ниҳоятӣ надорад

طلبم نهایت آن که نهایتی ندارد

Ба нигоҳи ношикебӣ ба дили умедворӣ

به نگاه ناشکیبی به دل امیدواری

Дили ошиқони бимирад ба биҳишти ҷовдонӣ

دل عاشقان بمیرد به بهشت جاودانی

На навой дардмандӣ на ғамӣ на ғмгсорӣ

نه نوای دردمندی نه غمی نه غمگساری

Хониш
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