Табу тоби бткдаҳ аҷам нарасад ба сӯзу гудози ман
تب و تاب بتکدهٔ عجم نرسد به سوز و گداز من
Ки ба як нигоҳи Муҳамад арабӣ гирифт ҳиҷози ман
که به یک نگاه محمد عربی گرفت حجاز من
Чаҳ кунам ки ақли баҳонаи ҷӯи гиреҳӣ ба рӯй гиреҳ занад
چه کنم که عقل بهانه جو گرهی به روی گره زند
Назарӣ ки гардиши чашм ту шаканд тилисми муҷози ман
نظری که گردش چشم تو شکند طلسم مجاز من
Нарасад фусунгарии хирад ба тапидани дили зинда Эй
نرسد فسونگری خرد به تپیدن دل زندهای
зи кунишати фалсафӣон дар о ба ҳарими сӯзу гудози ман
ز کنشت فلسفیان در آ به حریم سوز و گداز من