Сари хуш аз бодаи ту хам шиканӣ нест ки нест

سر خوش از بادهٔ تو خم شکنی نیست که نیست

Масти лаълин ту ширин суханӣ нест ки нест

مست لعلین تو شیرین سخنی نیست که نیست

Дар қабои арабии хўштрки оӣӣ ба нигоҳ

در قبای عربی خوشترک آئی به نگاه

Рост бар қомати ту перҳанӣ нест ки нест

راست بر قامت تو پیرهنی نیست که نیست

Гарчи лаъл ту хамӯшаст вале чашми туро

گرچه لعل تو خموش است ولی چشم ترا

Бо дили хӯн шуда мо суханӣ нест ки нест

با دل خون شدهٔ ما سخنی نیست که نیست

То ҳадис ту кунам базми сухан май созам

تا حدیث تو کنم بزم سخن می سازم

Варна дар хилвати ман анҷуманӣ нест ки нест

ورنه در خلوت من انجمنی نیست که نیست

эй мусулмон дигар эъҷоз сулаймон омӯз

ای مسلمان دگر اعجاز سلیمان آموز

Дида бар хотами ту аҳриманӣ нест ки нест

دیده بر خاتم تو اهرمنی نیست که نیست