Бар сари куфр ва дайн фишон раҳмати оми хеш ро

بر سر کفر و دین فشان رحمتِ عامِ خویش را

Банди ниқоб бар гшои моҳи тамоми хеш ро

بندِ نقاب بر‌گشا ماهِ تمامِ خویش را

Замзамаи куҳани сарои гардиши бода тез кун

زمزمهٔ کهن سرای گردشِ بادهْ تیز کن

Боз ба базми мо нигар , оташи ҷоми хеш ро

باز به بزمِ ما نگر، آتشِ جامِ خویش را

Доми з гесувон бадуш заҳмати гулистони барӣ

دام ز گیسوان بدوش، زحمتِ گلستان بری

Сайд чаро намекунӣ тоири боми хеш ро

صید چرا نمی‌کنی طایر بامِ خویش را

Реги Ироқи мунтазир , кишти ҳиҷози ташнаи ком

ریگِ عراق منتظر‌، کِشتِ حجاز تشنه کام

Хӯни ҳусайни бози даҳ Кӯфау шоми хеш ро

خون حسین باز‌ده، کوفه و شامِ خویش را

Дӯш ба роҳбар занад , роҳи ягона тай кунад

دوش به راهبر زند‌، راهِ یگانه طی کند

Май надиҳади бадасти каси ишқи зимоми хеш ро

می‌ندهد بدست کس عشقْ زمامِ خویش را

Нола ба остони дайр бихбронаҳ ме задам

ناله به آستانِ دِیر بی‌خبرانه می‌زدم

То баҳрами шинохтами роҳу мақоми хеш ро

تا بحرم شناختم راه و مقامِ خویش را

Қофилаи баҳорро тоири пеши раси нигар

قافلهٔ بهار را طایرِ پیش‌رس نگر

Онкии бхлўт қафас гуфт паёми хеш ро

آنکه بخلوتِ قفس گفت پیام خویش را