Мо дар ду ҷаҳони ҷузи длкӣ риш надорем

ما در دو جهان جز دلکی ریش نداریم

Ҷузи ғуссаи зи бегона ва аз хеш надорем

جز غصّه ز بیگانه و از خویش نداریم

Бо ин ҳамагар ҳар ду ҷаҳон арза диҳандам

با این همه گر هر دو جهان عرضه دهندم

Мо дасти дил аз доман дарвеш надорем

ما دست دل از دامن درویش نداریم

Гар дӯсти сӯй мо нигарад айни аноят

گر دوست سوی ما نگرد عین عنایت

Ҳқо ки ғам аз таън бидонадяш надорем

حقّا که غم از طعن بداندیش نداریم

Қурбони камони гӯшаи абрӯӣ ту гаштем

قربان کمان گوشه ابروی تو گشتیم

Чун тири ҷафоҳои ту дар кеш надорем

چون تیر جفاهای تو در کیش نداریم

Маҷрӯҳ шуд аз тири ҷафояти дили мискин

مجروح شد از تیر جفایت دل مسکین

Ҷузи лутфи ту мо марҳами ин риш надорем

جز لطف تو ما مرهم این ریش نداریم

Охир чаҳ шавадгар бунаии марҳами Лутфӣ

آخر چه شود گر بنهی مرهم لطفی

Бар риш ки мо марҳами ин неш надорем

بر ریش که ما مرهم این نیش نداریم

Гӯйанд ба таркиш куну дили боз ба дасти ор

گویند به ترکش کن و دل باز به دست آر

Мушкил ҳама онаст ки ин кеш надорем

مشکل همه آنست که این کیش نداریم

Бории зи ҷаҳони ҳосили умр аз ғами ишқаш

باری ز جهان حاصل عمر از غم عشقش

Ҷузи дида ӣ гирёну дил риш надорем

جز دیدهٔ گریان و دل ریش نداریم