зи боди баҳорӣ ҷаҳон шуд ҷавон

ز باد بهاری جهان شد جوان

зи булбули шинави қисса дигар махон

ز بلبل شنو قصّه دیگر مخوان

Баҳорасту гул дар ақаб ме расад

بهارست و گل در عقب می‌رسد

Бирав тавба башикан биё эй ҷавон

برو توبه بشکن بیا ای جوان

Дилу ҳуши сӯии мановар дамӣ

دل و هوش سوی من آور دمی

Ки то гӯямат сӯратӣ дар ниҳон

که تا گویمت صورتی در نهان

Яке бишинав ин панду андарзи ман

یکی بشنو این پند و اندرز من

Дил аз ғуссау ғам дамӣ вораҳон

دل از غصّه و غم دمی وارهان

Бутии маҳваши хубрӯро биёб

بتی مهوش خوبرو را بیاب

Ба дасти ори қадӣ чу сарви чмон

به دست آر قدّی چو سرو چمان

Ки чашмаш чу наргис буд нимаи маст

که چشمش چو نرگس بود نیمه مست

Лабаши ҳамчуи лаъл ва ду абрӯи камон

لبش همچو لعل و دو ابرو کمان

Ду зулфаш чу анбари ду гесуи каманд

دو زلفش چو عنبر دو گیسو کمند

Нигории сабки рӯҳи ширини забон

نگاری سبک روح شیرین زبان

Чу ин давлатат шуд муҳайё дигар

چو این دولتت شد مهیا دگر

Чаҳ хоҳии ту ба зини зи даври замон

چه خواهی تو به زین ز دور زمان

Миёни чамани сояи беду гул

میان چمن سایه بید و گل

Чаҳ хоҳии ту ба зини зи даври замон

لب سبزه و جوی و آب روان

Миёни чамани сояи беду гул

اگر نغمهٔ عود دستت دهد

Лаби сабзау ҷӯйу оби равон

که در گوش گیری چه بهتر ازآن

Агар нағма ӣ авд дастат диҳад

ز مجموعه‌ها و ز دیوان خاص

Ки дар гӯшгирӣ чаҳ беҳтар азон

به دستت گر افتد ز شعر جهان

зи маҷмӯъаҳоу зи девони хос

به سازی که خواهی زمانی بساز

Ба дастат гар уфтад зи шеъри ҷаҳон

به آواز خوش یک دو بیتی بخوان

Басозӣ ки хоҳӣ замонӣ бисоз

دف و نی دماغ تو را تر کند

Ба овози хуши як ду байтӣ бихон

ز بلبل تو بشنو به بستان فغان

Дафу неи димоғи туро тар кунад

همی ناله از جان کنم چون هزار

зи булбул ту бишинав ба бустони фиғон

به عشق گلم در جهان شادمان

Ҳамеи нола аз ҷон кунам чун ҳазор

اگر من نه عاشق به گل بودمی

Ба ишқи гулам дар ҷаҳони шодмон

کجا جای بودیم در گلستان

Агар ман на ошиқ ба гул будамӣ

اگر راست پرسی چو بالای تو

Куҷои ҷой будем дар гулистон

ندیدم یکی سرو در بوستان

Агар рости пурсӣ чу болои ту

صبا بوی زلف تو آورد باز

Надидам яке сарв дар бӯстон

گلستان معطّر شد از بوی آن

Сабои буии зулф ту оварад боз

بنفشه ز زلفت شکسته دلست

Гулистон муаттар шуд аз буии он

میان ریاحین به دسته‌ست از آن

Бунафшаи зи зулфат шикаста диласт

چو نرگس ز چشم تو سرمست شد

Миёни раёҳин ба дастаст аз он

از آنست آخر چنین ناتوان

Чу наргиси зи чашми ту сармаст шуд

اگر چند سوسن زبان آورست

Аз онаст охири чунин нотавон

به مدح رخ تو ندارد زبان

Агар чанд сӯсан забон овараст

بسی منتّش هست بر من صبا

Ба мадҳи рух ту надорад забон

کزو زندگی یافت دیگر جهان