Маи рӯят дурахшон кун ду зулфатро парешон кун

مه رویت درخشان کن دو زلفت را پریشان کن

з рӯй лутфи ҳам раҳмӣ ба ҳоли сина ришон кун

ز روی لطف هم رحمی به حال سینه ریشان کن

Дилии дории ту чун хорои з рӯй мардумии ёро

دلی داری تو چون خارا ز روی مردمی یارا

Биёу кулбаи моро зи лаъли худ дроФшон кун

بیا و کلبه ما را ز لعل خود دُرافشان کن

Ба гирди кӯии мҳрўён шудаи ушшоқи саргардон

به گرد کوی مهرویان شده عشّاق سرگردان

Ба ҷонат каз сари эҳсони назар дар ҳол эшон кун

به جانت کز سر احسان نظر در حال ایشان کن

Дилогар ёр меояд туро сад ҷони ҳаме бояд

دلا گر یار می‌آید تو را صد جان همی باید

Азин камтар наме шояд чу гул бар ваии гул афшон кун

ازین کمتر نمی‌شاید چو گل بر وی گل افشان کن

Ба шамъи равиши парвонаи манам маҷнӯну девона

به شمع روش پروانه منم مجنون و دیوانه

зи мо гаштии ту бегонаи назар бар ҳол хуишон кун

ز ما گشتی تو بیگانه نظر بر حال خویشان کن

зи таркиш гар занад тирам ба таркиши ман наме гирам

ز ترکِش گر زند تیرم به ترکش من نمی‌گیرم

Дарин мазҳаб ҳаме меРом бирав эй дили ту кеш он кун

درین مذهب همی میرم برو ای دل تو کیش آن کن

Дил аз дастам ба дар барадӣ ба ғамзаи хӯн мо хӯрдӣ

دل از دستم به در بردی به غمزه خون ما خوردی

Чу зулфи хешгар мардии ҷаҳониро парешон кун

چو زلف خویش گر مردی جهانی را پریشان کن