Ҷоно чаҳ бошад ар дили моро даво кунӣ

جانا چه باشد ار دل ما را دوا کنی

Раҳмӣ ба ҳоли зори ман бенаво кунӣ

رحمی به حال زار من بینوا کنی

эй лаъли ту чу оташ ва рӯй ту ҳамчуи моҳ

ای لعل تو چو آتش و روی تو همچو ماه

Бошад ки аз карами гузарии сӯй мо кунӣ

باشد که از کرم گذری سوی ما کنی

Додӣ ҳазор ваъда ба васлами зи лутфи хеш

دادی هزار وعده به وصلم ز لطف خویش

Бошад каз он ҳазор якеро вафо кунӣ

باشد کز آن هزار یکی را وفا کنی

Умрӣаст то зи ҷаври ғамати хастаи хотирам

عمریست تا ز جور غمت خسته خاطرم

Бо ман бигӯ ту рост ки то кӣ ҷафо кунӣ

با من بگو تو راست که تا کی جفا کنی

То кӣ дар висол бабандӣ ба рӯй ман

تا کی درِ وصال ببندی به روی من

То кӣ ба доғи ҳиҷри маро мубтало кунӣ

تا کی به داغ هجر مرا مبتلا کنی

Бар дӯстони хеш ситам мекунӣ чаро

بر دوستان خویش ستم می‌کنی چرا

Доими ту коми душмани моро раво кунӣ

دایم تو کام دشمن ما را روا کنی

эй дили ту то ба кӣ нанишинӣ зи ҷусту ҷӯй

ای دل تو تا به کی ننشینی ز جست و جوی

Бе шаки ҷаҳони ту дар сари ин моҷаро кунӣ

بی شک جهان تو در سر این ماجرا کنی