Дилами висоли туро аз ҷаҳон талаб кораст

دلم وصال تو را از جهان طلب کارست

Чаро ки дар ғами ҳиҷрон ба ком ағёраст

چرا که در غم هجران به کام اغیارست

Ду дида ӣ дили худро ба ҳам наёрам зад

دو دیدهٔ دل خود را به هم نیارم زد

Ки аз фироқи рахт то ба рӯз бедораст

که از فراق رخت تا به روز بیدارست

Набошадам дили хуррам чаро наме донам

نباشدم دل خرّم چرا نمی‌دانم

Магар ки хуррамӣу айши ҷумла бо ёраст

مگر که خرّمی و عیش جمله با یارست

Висоли ёр ки будӣ ҳамеша пиндорам

وصال یار که بودی همیشه پندارم

Ҳазор бор ба дилбари маро з пиндораст

هزار بار به دلبر مرا ز پندارست

Фироқ рӯй ту мушкил шудаст бар дили ман

فراق روی تو مشکل شده‌ست بر دل من

Чу бор нест маро бар дар ту сад бор аст

چو بار نیست مرا بر در تو صد بار است

зи боғи васли ту як гул начидаам ҳаргиз

ز باغ وصل تو یک گل نچیده‌ام هرگز

Насиби ман ба гулистони ту чаро хораст

نصیب من به گلستان تو چرا خارست

Расед буии баҳор ва дамид сабза ӣ ҷӯй

رسید بوی بهار و دمید سبزهٔ جوی

Биё ки мавсими айш ва ривоҷ гулзораст

بیا که موسم عیش و رواج گلزارست

Ба умр нест басии эътимод то доне

به عمر نیست بسی اعتماد تا دانی

Мабош ғарра бидон кам зараст ва динораст

مباش غرّه بدان که‌م زرست و دینارست

Ҳар онкӣ кард ба хунобаи моли ҷамъ чаҳ кард

هر آنکه کرد به خونابه مال جمع چه کرد

Ба ғайр аз онкӣ ба ҳар ду ҷаҳон гирифтораст

به غیر از آنکه به هر دو جهان گرفتارست

Касе ки бори сафар баст хоҳад аз манзил

کسی که بار سفر بست خواهد از منزل

Чаҳ беҳтараст аз он ков ба раҳи сбкборст

چه بهترست از آن کاو به ره سبکبارست