Худо бар ҳоли ин мискин гувоҳаст
خدا بر حال این مسکین گواهست
Ки аз ҷонат ҳамеша никхўоҳст
که از جانت همیشه نیکخواهست
Вале аз ҷаври ин чархи сияҳи кор
ولی از جور این چرخ سیه کار
Ба пеши чашми мо олам сиёҳаст
به پیش چشم ما عالم سیاهست
Биё каз шавқи тоқи абрувонат
بیا کز شوق طاق ابروانت
Ба ғами пайвастаи пушти ман дўто ҳаст
به غم پیوسته پشت من دوتا هست
Ғарибонро макаш каз рӯй фатво
غریبان را مکش کز روی فتوی
Ғарибӣ бегунаҳ куштан гуноҳаст
غریبی بی گنه کشتن گناهست
Ба чашми ту , ки дар ҳиҷрати шабу рӯз
به چشم تو، که در هجرت شب و روز
Нишаста мунтазири чашмам ба роҳаст
نشسته منتظر چشمم به راهست
Ҷудои афтода аз канъон чу Юсуф
جدا افتاده از کنعان چو یوسف
Дили ман дар занхдонат ба чоҳаст
دل من در زنخدانت به چاهست
Хиҷолат боядам бурдани зи рӯят
خجالت بایدم بردن ز رویت
Чу гӯям нисбати рӯят ба моҳаст
چو گویم نسبت رویت به ماهست
зи ман пурсӣ ки чунӣ дар ғами мо
ز من پرسی که چونی در غم ما
Ғамати кӯҳу тани мискин чу коҳаст
غمت کوه و تن مسکین چو کاهست
Чаҳ май пурсӣ ки ҳамдам дар ғамат кист
چه میپرسی که همدم در غمت کیست
Ҳамаи дами ҳамдамами афғон ва оҳаст
همه دم همدمم افغان و آهست
Надорам беш аз ин дар ҳиҷри тоқат
ندارم بیش از این در هجر طاقت
Бибахшо каз ғамат ҳолам табоҳаст
ببخشا کز غمت حالم تباهست
Ба ҷонат каз ҷаҳони безори гаштам
به جانت کز جهان بیزار گشتم
Худованди ҷаҳон бар ман гувоҳаст
خداوند جهان بر من گواهست