Ҳамеша майлнигорам буд ба сӯии ҷафо
همیشه میل نگارم بود به سوی جفا
На меҳр дар дили сангин ӯ буд на вафо
نه مهر در دل سنگین او بود نه وفا
На майли хотири ёрон на шарм дар дида
نه میل خاطر یاران نه شرم در دیده
Тараҳҳумӣ на дар он дил буд на тарси худо
ترحّمی نه در آن دل بود نه ترس خدا
На раҳматӣ ба дили риши дардмандонаш
نه رحمتی به دل ریش دردمندانش
На дар ҷаҳон назарӣ мекунад ба айни ризо
نه در جهان نظری میکند به عین رضا
Лабаш чу об ҳаётасту дардманди манам
لبش چو آب حیاتست و دردمند منم
Табибам аз лаб чун нӯш дӯст кард даво
طبیبم از لب چون نوش دوست کرد دوا
Равои мадор ки бар мо ҷафо равад чандин
روا مدار که بر ما جفا رود چندین
Ҷафои з ҳад бишуд эй ҷон макун ки нест раво
جفا ز حد بشد ای جان مکن که نیست روا
Ту ҷонӣ аз тани ман давр то ба кӣ бошӣ
تو جانی از تن من دور تا به کی باشی
зи тани ту ҷони ҷаҳонро равои мадори ҷудо
ز تن تو جان جهان را روا مدار جدا
Чу чашми ёри манам нотавон ба ҳиҷронаш
چو چشم یار منم ناتوان به هجرانش
Чу зулфи дӯсти манам аз ҳавоаш бесару по
چو زلف دوست منم از هواش بی سر و پا