Дилӣ куҷост ки он дил сиришта бо ғам нест
دلی کجاست که آن دل سرشته با غم نیست
Чун зулфи хуби рухони бому шом дарҳам нест
چون زلفِ خوبرخان بام و شام در هم نیست
Ҷаҳон бахаст диламро ба теғи кину ситам
جهان بِخست دلم را به تیغ کین و ستم
Ки дар ҷаҳонаши биҷузи васли дӯст марҳам нест
که در جهانش بجز وصل دوست مرهم نیست
Ба пурсишӣу саломии з дӯст хурсандам
به پرسشی و سلامی ز دوست خرسندم
Фиғон ва дод зи ҷавру ҷафоаши кон ҳам нест
فغان و داد ز جور و جفاش کان هم نیست
Ҳилоли ид агарчӣ ба чашм халқ накӯаст
هلال عید اگرچه به چشم خلق نکوست
Вале чу абрӯии ҷонон ҳамеша дар хам нест
ولی چو ابروی جانان همیشه در خم نیست
Сабо ба сӯйнигорам гузар кун аз сари лутф
صبا به سوی نگارم گذر کن از سر لطف
Бигӯ ки ғайри ғамами ёри ғор ва ҳамдам нест
بگو که غیر غمم یار غار و همدم نیست
Вагар зи ҳоли ҷаҳон прсдт бигӯ бо ӯ
وگر ز حال جهان پرسدت بگو با او
Биё ки ҷузи дили гармӣу оҳ сардам нест
بیا که جز دلِ گرمی و آه سردم نیست
Фроғтисти зи ҳоли ҷаҳони турои лекин
فراغتیست ز حال جهان ترا لیکن
Марои з рӯй ту ҷонои қарори як дам нест
مرا ز روی تو جانا قرار یک دم نیست
Табиби дарди диламро агар кунад чора
طبیب درد دلم را اگر کند چاره
Бигӯ ки ҷузи ғами ҳиҷрони дӯст дардам нест
بگو که جز غم هجران دوست دردم نیست
Дилам ба соя сарвӣ нишаст бар лаби ҷӯй
دلم به سایه سروی نشست بر لب جوی
Чаро ки аз сари мо соя ӣ қадат кам нест
چرا که از سر ما سایهٔ قدت کم نیست