Касе ки меҳри рахтро сиришт бо гули мо

کسی که مهر رخت را سرشت با گِل ما

Ҳам ӯ ниҳоди магари доғи ишқ бар дили мо

هم او نهاد مگر داغ عشق بر دل ما

Ба рӯзи ҳашар ки хокам ба меҳр бишкофанд

به روز حشر که خاکم به مهر بشکافند

Ба буии ишқи ту пайдо шавад мафосили мо

به بوی عشق تو پیدا شود مفاصل ما

Ба таънаи ҷон тлбидӣ надорам аз ту дареғ

به طعنه جان طلبیدی ندارم از تو دریغ

Қтили ишқи ту гаштам куҷост қотили мо

قتیل عشق تو گشتم کجاست قاتل ما

Вале чаҳ суд ки дар ишқат эйнигор шабӣ

ولی چه سود که در عشقت ای نگار شبی

Ба рӯзи васли ту осон нагашт мушкили мо

به روز وصل تو آسان نگشت مشکل ما

Ниҳоли ишқи каш аз оби дидаи прўрдм

نهال عشق کش از آب دیده پروردم

Ба ғайри хӯни ҷигар зон нагашт ҳосили мо

به غیر خون جگر زان نگشت حاصل ما

Ту ғоиб аз назарӣ эйнигор ва холӣ нест

تو غایب از نظری ای نگار و خالی نیست

Хаёл рӯй ту як лаҳза аз муқобили мо

خیال روی تو یک لحظه از مقابل ما

Ба пои бӯси ту ҳар шаб умед ме дорам

به پای‌بوس تو هر شب امید می‌دارم

Магар ки даст висолӣ шавад ҳамоили мо

مگر که دست وصالی شود حمایل ما

Ба шасти зулфи ту девона мешавад оқил

به شَست زلف تو دیوانه می‌شود عاقل

Пас аз чаҳ рӯ ба ту девонаи гашти оқили мо

پس از چه رو به تو دیوانه گشت عاقل ما

зи равшаноӣ рӯй ту хираи гашти дилам

ز روشنایی روی تو خیره گشت دلم

Чунонкии акси ҷамоли ту гашти ҳоили мо

چنانکه عکس جمال تو گشت حایل ما

Ба ишқ рӯй ту аз оби дидаи муҳташамам

به عشق روی تو از آب دیده محتشمم

Ки ҳаст аз ду ҷаҳони ин қадари мадохили мо

که هست از دو جهان این قدر مداخل ما

Миёни зумра ӣ ушшоқи бандаро ҷустанд

میان زمرهٔ عشّاق بنده را جستند

Фиғону бонги баромад ки нест дохили мо

فغان و بانگ برآمد که نیست داخل ما

Умед буд ки давр аз ту як замон нашавам

امید بود که دور از تو یک زمان نشوم

Дареғи он ҳамаи андешаҳои ботили мо

دریغ آن همه اندیشه‌های باطل ما