Дар ишқи ту то чанд кашами бори маломат

در عشق تو تا چند کشم بار ملامت

Андешаи надории магар аз рӯзи қиёмат

اندیشه نداری مگر از روز قیامت

Аз кӯии маломати дили ман рахт ба дар барад

از کوی ملامت دل من رخت به در برد

То кард ватан дар сари Кувайт ба саломат

تا کرد وطن در سر کویت به سلامت

Дар баҳри ғами ишқи ту бечораи дилам ро

در بحر غم عشق تو بیچاره دلم را

На роҳ гурезаст ва на ёроии иқомат

نه راه گریزست و نه یارای اقامت

Чун панди рафиқон мувофиқ нишнидӣ

چون پند رفیقان موافق نشنیدی

эй дили надиҳади фоидаи имрӯзи надомат

ای دل ندهد فایده امروز ندامت

Бинавоз ба ташрифи висолати дили мо ро

بنواز به تشریف وصالت دل ما را

Гар бандаи навозии зи сари лутфу каромат

گر بنده نوازی ز سر لطف و کرامت

Чун малик дилам шуд зи қудуми ту мушарраф

چون ملک دلم شد ز قدوم تو مشرّف

Ҷони худ ба чаҳ арзад ки фиристам ба иқомат

جان خود به چه ارزد که فرستم به اقامت

Чашмони ту дар гӯша ӣ миҳроби ду абрӯ

چشمان تو در گوشهٔ محراب دو ابرو

Мустанад ва нишоед ки кунад масти имомат

مستند و نشاید که کند مست امامت

Гар ҷони ҷаҳон дар иваз васл бихоҳӣ

گر جان جهان در عوض وصل بخواهی

Таркат натавон кард ва кунам тарки тамомат

ترکت نتوان کرد و کنم ترک تمامت

эй мардумаки дидаи зи шухии нншстӣ

ای مردمک دیده ز شوخی ننشستی

То шуд дили тангами ҳадафи тири маломат

تا شد دل تنگم هدف تیر ملامت