Шабат бе ман хастаи дил хуш мабод

شبت بی من خسته دل خوش مباد

Дилами ҳамчуи зулфат мушавваш мабод

دلم همچو زلفت مشوّش مباد

зи хӯни ду чашму зи сӯзи ҷигар

ز خون دو چشم و ز سوز جگر

Чу ман кас дар об ва дар оташ мабод

چو من کس در آب و در آتش مباد

зи болои он қомати ҳамчуи сарв

ز بالای آن قامت همچو سرو

Чу ман мустамандӣ балокаш мабод

چو من مستمندی بلاکش مباد

Ба ғайр аз шароби лаби лаъли ту

به غیر از شراب لب لعل تو

Кас аз дӯстони ту сархуш мабод

کس از دوستان تو سرخوش مباد

Ба умеди васли ту мо дар ҷаҳон

به امّید وصل تو ما در جهان

Биҷузи кӯии ҷонон фурӯкаш мабод

بجز کوی جانان فروکش مباد

Агарчӣ ба дардам надорад даво

اگرچه به دردم ندارد دوا

Ҳаме гӯям аз ҷон ки дардаш мабод

همی گویم از جان که دردش مباد