Ҳар дам ки ҷони висоли туро ёд ме кунад

هر دم که جان وصال تو را یاد می‌کند

Аз ғуссаи ҷаҳони дилам озод ме кунад

از غصّهٔ جهان دلم آزاد می‌کند

Чашмат бирехт хӯни дили мардумон ба заҷр

چشمت بریخت خون دل مردمان به زجر

Он шӯхи дидаи байн ки чаҳ бедод ме кунад

آن شوخ دیده بین که چه بیداد می‌کند

Сарви қадат чу бугзарад андари миёни боғ

سرو قدت چو بگذرد اندر میان باغ

Болоаши ноз бо қад шамшод ме кунад

بالاش ناز با قد شمشاد می‌کند

Дар субҳдам ба сӯии гулистон гузор кун

در صبحدم به سوی گلستان گذار کن

Булбули зи гули шинав ки чаҳ фарёд ме кунад

بلبل ز گل شنو که چه فریاد می‌کند

Мискини дили заъифи наҳифам ба ҳар нафас

مسکین دل ضعیف نحیفم به هر نفس

Бар ваъдаи висоли ту дил шод ме кунад

بر وعده وصال تو دل شاد می‌کند

Ҳар бад ки гуяд аз ман длхстаҳам чаҳ суд

هر بد که گوید از من دلخسته‌ام چه سود

Машну ту зинҳор ки ифсод ме кунад

مشنو تو زینهار که افساد می کند

Булбули зи баҳри гули бикашади ҷавр бар ҳазор

بلبل ز بهر گل بکشد جور بر هزار

Хусрав бибин чаҳ зулм ба Фарҳод ме кунад

خسرو ببین چه ظلم به فرهاد می‌کند