Чаҳ чора чунки дил аз вай ба ком дил нарасед
چه چاره چون که دل از وی به کام دل نرسید
Зулоли лаъли лаб ӯ ба ком дил начакид
زلال لعل لب او به کام دل نچکید
Ба ком дил нарасидам шабӣ ба давлати васл
به کام دل نرسیدم شبی به دولت وصل
зи дарди рӯзи фироқи ту ҷон ба лаб барисед
ز درد روز فراق تو جان به لب برسید
Манеҳ ту бори гарон беш аз ин ба шахси заъиф
منه تو بار گران بیش از این به شخص ضعیف
Сетгаро ки аз он пушти тоқатами бхмид
ستمگرا که از آن پشت طاقتم بخمید
Ба ҳоли зор ғарибӣ назор раҳмат кун
به حال زار غریبی نزار رحمت کن
Ки ҷон бидод ба ҳиҷрон ва рӯй дӯст надид
که جان بداد به هجران و روی دوست ندید
Бикради мурғи дилам дар ҳавои ҷони парвоз
بکرد مرغ دلم در هوای جان پرواز
Ки то шароби маваддати зи ҷом ишқ чашид
که تا شراب مودّت ز جام عشق چشید
Дили заъифи ситамдидаи балокаши ман
دل ضعیف ستمدیده بلا کش من
Биё ки аз ду ҷаҳони меҳр рӯй ту багазед
بیا که از دو جهان مهر روی تو بگزید
Биёу кулбаи аҳзони мо мунаввар кун
بیا و کلبه احزان ما منوّر کن
зи ҳади гузашти миёни ман ва ту гуфт ва шунид
ز حد گذشت میان من و تو گفت و شنید
Чаҳ шуд чаҳ буд ки он моҳ рӯй мишкӣни буи
چه شد چه بود که آن ماه روی مشکین بوی
Ба сони оҳӯии ваҳшии зи пеши мо бармеад
به سان آهوی وحشی ز پیش ما برمید
Нишон ки дод чу ман банда дар ҷаҳони икдл
نشان که داد چو من بنده در جهان یک دل
Бутии ситамгари шӯх эйнигор чун ту ки дид
بتی ستمگر شوخ ای نگار چون تو که دید