Сабои маро ба ҷаҳон нест ҷузи ту муҳаррами роз

صبا مرا به جهان نیست جز تو محرم راز

Маро ба рӯй нигорин хеш ҳаст ниёз

مرا به روی نگارین خویش هست نیاز

Чу ҳоли зори ман хастаи дили ту май доне

چو حال زار من خسته دل تو می‌دانی

Ки ҷон расед маро бар лаб аз фироқаши боз

که جان رسید مرا بر لب از فراقش باز

Ба гӯш ӯ нарасида ҳикояти дардам

به گوش او نرسیده حکایت دردم

Ки мӯниси дили мо буд ёри бандаи навоз

که مونس دل ما بود یار بنده نواز

Магари з рӯй тараҳҳум назар кунад бар мо

مگر ز روی ترحّم نظر کند بر ما

Даройад аз дар бахтами шабӣ чу сарвии ноз

درآید از در بختم شبی چو سروی ناز

зи дасти таъна ӣ душман ба ҷон расед дилам

ز دست طعنهٔ دشمن به جان رسید دلم

Ки ҳамчуи шамъи забонаши бурӣдаи бод ба газ

که همچو شمع زبانش بُریده باد به گاز

Шудам зи шиддати ҳиҷри рухи ту бечора

شدم ز شدّت هجر رخ تو بیچاره

зи лутфи чора ӣ кори ман ғариб бисоз

ز لطف چارهٔ کار من غریب بساز

Ҳавои кӯии ғамати бас баланд афтодаст

هوای کوی غمت بس بلند افتاده‌ست

Кбўтристи дилам чун кунад дарави парвоз

کبوتریست دلم چون کند درو پرواز

Рухам намӯд ба асби ҷафои бузади фарзин

رخم نمود به اسب جفا بزد فرزین

Дарин миёна бибин мот мешавад сарбоз

درین میانه ببین مات می‌شود سرباز

Агарчӣ мерасадат ноз эй сеӣ сарвам

اگرچه می‌رسدت ناز ای سهی سروم

Дигар ба бахти ҷаҳон ноз кардае оғоз

دگر به بخت جهان ناز کرده‌ای آغاز