Дилам аз ҷон шуда бар рӯй чу моҳати машъуф
دلم از جان شده بر روی چو ماهت مشعوف
Муддатӣ то ба ғами ишқ рахт шуд маърӯф
مدّتی تا به غم عشق رخت شد معروف
Ҷони зи ман хостае эй бути симини баданам
جان ز من خواستهای ای بت سیمین بدنم
Ба ашороти ду чашмат шудаи ҷонои мавқуф
به اشارات دو چشمت شده جانا موقوف
Гар ба сангаш бизанӣ мурғи диламро наравад
گر به سنگش بزنی مرغ دلم را نرود
Дар сари кӯии ту чун бо ғам ту шуд мأлўФ
در سر کوی تو چون با غم تو شد مألوف
Сарви қади ту ҳанузам зи назари норафта
سرو قد تو هنوزم ز نظر نارفته
Дили бечора ӣ ман гашта зи ҳиҷрон . . . . вФ
دل بیچارهٔ من گشته ز هجران ...وف
Ҳасани гулро на агар шӯриши булбул будӣ
حسن گل را نه اگر شورش بلبل بودی
Васфи зебоӣ ӯро набадӣ каси мавсуф
وصف زیبایی او را نبدی کس موصوف
Табъам аз мардуми ноаҳл ба ҷон омада аст
طبعم از مردم نااهل به جان آمده است
Булбули длшдаҳ даврӣ кунад аз суҳбати буф
بلبل دلشده دوری کند از صحبت بوف
эй дил хаста макун беш таку пў ба ҷаҳон
ای دل خسته مکن بیش تک و پو به جهان
Бо куҳан хирқа бисоз ар набӯд ҷомаи суф
با کهن خرقه بساز ار نبوَد جامه صوف