Марост аз ду ҷаҳони меҳри дӯсти ҳосили дил

مراست از دو جهان مهر دوست حاصل دل

Ҷузин чаҳ ҳаст маро дар ҷаҳони мадохили дил

جزین چه هست مرا در جهان مداخل دل

Биё кигар ҳама олам шаванд душмани ҷон

بیا که گر همه عالم شوند دشمن جان

Ба дӯстӣ ки нишастӣ ту дар муқобили дил

به دوستی که نشستی تو در مقابل دل

Хаёл буд маро каз ту брхўрми шабҳо

خیال بود مرا کز تو برخورم شبها

Занем хандаи гуҳӣ бар хаёли ботили дил

زنیم خنده گهی بر خیال باطل دل

зи дасти дили биҷуз аз хӯн намехӯрам чаҳ кунам

ز دست دل بجز از خون نمی‌خورم چه کنم

зи ишқи дӯст ҷузин нест ҳосили дил

ز عشق دوست جزین نیست حاصل دل

Чаро ки роҳи висол ту нест осонаш

چرا که راه وصال تو نیست آسانش

Ба лутфи хеш назар кун ба кори мушкили дил

به لطف خویش نظر کن به کار مشکل دل