Рӯй ту шуд субҳи ҷони зулф ту шуд шоми дил

روی تو شد صبح جان زلف تو شد شام دل

Шом нагӯям варо ҳаст кунун доми дил

شام نگویم ورا هست کنون دام دل

Коми дилам талх шуд аз шаби ҳиҷрон ӯ

کام دلم تلخ شد از شب هجران او

Он бути дилҷӯи надоди як нафасами коми дил

آن بت دلجو نداد یک نفسم کام دل

Санг ҷафоят мазан бар дили мискини ман

سنگ جفایت مزن بر دل مسکین من

То зи ғами ҳиҷри ту бишиканадами ҷоми дил

تا ز غم هجر تو بشکندم جام دل

Бо ҳамаи савдои ман каз сари зулф ту ҳаст

با همه سودای من کز سر زلف تو هست

Дар сари ман эй писар пухта нашуд хоми дил

در سر من ای پسر پخته نشد خام دل

То будам дар ҷаҳони ному нишон аз ғамат

تا بودم در جهان نام و نشان از غمت

То ба куҷо мерасад бо ту саранҷоми дил

تا به کجا می‌رسد با تو سرانجام دل

Дар ғамати оғоз ишқ ҳаст ба номами чунин

در غمت آغاز عشق هست به نامم چنین

Васли тавъами коми ҷон рӯй ту ороми дил

وصل تواَم کام جان روی تو آرام دل

Дил шуду ҷон дар ғамат рафт ба боди ҳаво

دل شد و جان در غمت رفت به باد هوا

Нест маро дар ҷаҳон эй дилу ҷони номи дил

نیست مرا در جهان ای دل و جان نام دل