зи дарди фироқати ман хастаи дил
ز درد فراقت من خسته دل
Ҳамеша ба рӯй тавъами бастаи дил
همیشه به روی تواَم بسته دل
Ду дидаи нигорои зи ҷон баста ам
دو دیده نگارا ز جان بستهام
Ба тоқи ду абрӯати пайвастаи дил
به طاق دو ابروت پیوسته دل
Даҳони ту чун пистау лаб чу қанд
دهان تو چون پسته و لب چو قند
зи ҷон бастаам ман дарин пистаи дил
ز جان بستهام من درین پسته دل
Туе фориғ аз ҳоли зорам вале
تویی فارغ از حال زارم ولی
Маро бо ту будаст пайвастаи дил
مرا با تو بودهست پیوسته دل
Чаҳ чора ки чун мурғи ҷонам шуда
چه چاره که چون مرغ جانم شده
Ба шасти ду зулфин ту бастаи дил
به شَست دو زلفین تو بسته دل
Бубинами шабии гӯйии андари ҷаҳон
ببینم شبی گویی اندر جهان
зи банди фироқи ту ворастааи дил
ز بند فراق تو وارسته دل