Ба даврони висолат ғам надорам

به دوران وصالت غم ندارم

Ба риши ҳиҷри ту марҳам надорам

به ریش هجر تو مرهم ندارم

Мусулмонон ба дарди рӯзи ҳиҷрон

مسلمانان به درد روز هجران

Гирифторам вале ҳамдам надорам

گرفتارم ولی همدم ندارم

Ки гуяд ҳоли зорам бо ту ҳам бод

که گوید حال زارم با تو هم باد

Ки дар олами ҷуз ӯ муҳаррам надорам

که در عالم جز او محرم ندارم

Чунон мустағриқи дарёии ишқам

چنان مستغرق دریای عشقم

Ки ман пурвои худ як дам надорам

که من پروای خود یک دم ندارم

На он савдо ки буд андари сари мо

نه آن سودا که بود اندر سر ما

Ба ҷони ту ки он ҳам кам надорам

به جان تو که آن هم کم ندارم

Ба дастам гар фитад хокии зи Кувайт

به دستم گر فتد خاکی ز کویت

Ба дили ёдии зи ҷом ҷам надорам

به دل یادی ز جام جم ندارم

Ба ишқашгар ҷаҳон бар ман сроид

به عشقش گر جهان بر من سر آید

Ндонӣ ки ғамӣ зон ҳам надорам

ندانی که غمی زان هم ندارم