Дӯш дар хоб ҷинон дид ду чашми бахтам
دوش در خواب جنان دید دو چشم بختم
Ки дигар гулшани умеди ман ороста буд
که دگر گلشن امّید من آراسته بود
Аз гулу лолаи ҷаҳони хуррам ва онгаҳ ба канор
از گل و لاله جهان خرّم و آنگه به کنار
Дӯст бинишастау душман ба миёни хостаҳ буд
دوست بنشسته و دشمن به میان خاسته بود
Бадар шуд моҳи умеди ману равшани дили гашт
بدر شد ماه امید من و روشن دل گشت
Гарчи аз ҷаври муҳоқи фалакии коста буд
گرچه از جور محاق فلکی کاسته بود
Шукри маъбуд ҳаме кардам ва гуфтам охир
شکر معبود همی کردم و گفتم آخر
Барисед ончии дили ман зи худои хоста буд
برسید آنچه دل من ز خدا خواسته بود