Онро ки ғамӣ бошаду гуфтани натавонад

آن را که غمی باشد و گفتن نتواند

Шаб то ба саҳар нолад ва хуфтани натавонад

شب تا به سحر نالد و خفتن نتواند

Аз мо бишинав қиссаи мо варна чаҳ ҳосил

از ما بشنو قصّه ما ورنه چه حاصل

Пайғом ки боди ораду гуфтани натавонад

پیغام که باد آرد و گفتن نتواند

Бебуи висолат накушояд дили тангам

بی بوی وصالت نگشاید دل تنگم

Бе боди сабои ғунчаи шукуфтани натавонад

بی باد صبا غنچه شکفتن نتواند

Аз ашк задам оби ҳамаи кӯии ту то бод

از اشک زدم آب همه کوی تو تا باد

Хошоки сари кӯии ту рафтани натавонад

خاشاک سر کوی تو رُفتن نتواند

Шӯрида тавонад ки кунад тарки сари хеш

شوریده تواند که کند ترک سر خویش

Тарки сари зулфи ту гирифтани натавонад

ترک سر زلف تو گرفتن نتواند

Андари дили мо акси рухи хуб ту пайдост

اندر دل ما عکس رخ خوب تو پیداست

Дар оинаи каси чеҳра нуҳуфтани натавонад

در آینه کس چهره نهفتن نتواند

Ҷӯянда чаҳ сахтии сет ки бар худ накунад саҳл

جوینده چه سختی ست که بر خود نکند سهل

Фарҳод чаҳ сангаст ки сифтани натавонад

فرهاد چه سنگ است که سفتن نتواند

Он шуд ки ҷалол аз сари кӯй ту шавад давр

آن شد که جلال از سر کوی تو شود دور

Каз заъф чунонаст ки рафтани натавонад

کز ضعف چنان است که رفتن نتواند