Ушшоқи зи дили дарди туро дом ниҳоданд

عشّاق ز دل درد ترا دام نهادند

Нокомии савдои туро ком ниҳоданд

ناکامی سودای ترا کام نهادند

Шодии ҷаҳони ҷумла ба як ҷӯи нхриднд

شادی جهان جمله به یک جو نخریدند

Чун бар сари бозори ғамат гом ниҳоданд

چون بر سر بازار غمت گام نهادند

Гесуии ту домии сет ки онон ки парастанд

گیسوی تو دامی ست که آنان که پرستند

Аз доми ҷаҳони пой дар он дом ниҳоданд

از دام جهان پای در آن دام نهادند

Ин сунбули шӯрида ва он наргиси мастат

این سنبل شوریده و آن نرگس مستت

Баси фитнау ошӯб дар айём ниҳоданд

بس فتنه و آشوب در ایّام نهادند

Як зарраи зи шавқи ману ҳасани ту ббрднд

یک ذرّه ز شوق من و حُسن تو ببردند

Пас дӯзаху фирдавси варо ном ниҳоданд

پس دوزخ و فردوس ورا نام نهادند

Олам ба адам буд ки андари сари мадҳуш

عالم به عدم بود که اندر سر مدهوش

Савдои сари зулф длором ниҳоданд

سودای سر زلف دلارام نهادند

Зон зулф ки анҷом надорад сармо ро

زان زلف که انجام ندارد سرِما را

Дар аҳди азал то чаҳ саранҷом ниҳоданд

در عهد ازل تا چه سرانجام نهادند

Ишқаст яке ҷоми пар аз ёди лаби дӯст

عشق است یکی جام پر از یاد لب دوست

Сармастии кунин дар он ҷом ниҳоданд

سرمستی کونین در آن جام نهادند

Дили сӯхтаи ишқ ҷалоласт ва ҳанузаш

دل سوخته عشق جلال است و هنوزش

Дар доираи сӯхтагон хом ниҳоданд

در دایره سوختگان خام نهادند